वॉशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इजरायल-ईरान संघर्षविराम के बाद अब गाज़ा पट्टी को लेकर बड़ा बयान दिया है। ट्रंप ने उम्मीद जताई है कि आने वाले एक हफ्ते के भीतर गाज़ा में भी युद्धविराम लागू हो सकता है।
ओवल ऑफिस में पत्रकारों से बातचीत करते हुए ट्रंप ने कहा कि उन्होंने युद्धविराम और बंधकों की रिहाई के लिए हो रहे समझौते में शामिल कुछ प्रमुख लोगों से बातचीत की है, हालांकि उन्होंने इन चर्चाओं का अधिक विवरण नहीं दिया।
ट्रंप उस समय मीडिया से रूबरू हो रहे थे जब वह व्हाइट हाउस में कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य और रवांडा के विदेश मंत्रियों की मेजबानी कर रहे थे। गाज़ा की स्थिति पर बात करते हुए ट्रंप ने कहा, “वहां हालात बेहद भयावह हैं। हम उस क्षेत्र में बड़ी मात्रा में पैसा और खाद्य सामग्री भेज रहे हैं।”
उन्होंने यह भी जोड़ा, “सैद्धांतिक रूप से हम इस संघर्ष में प्रत्यक्ष रूप से शामिल नहीं हैं, लेकिन मानवीय कारणों से हमें शामिल होना पड़ा है, क्योंकि वहां लोग भूख से मर रहे हैं।” ट्रंप ने चिंता जताई कि कुछ मानवीय सहायता ‘बुरे लोग’ चुरा रहे हैं, लेकिन नई गाज़ा ह्यूमैनिटेरियन फाउंडेशन (जीएचएफ) प्रणाली को उन्होंने ‘काफी अच्छी’ बताया।
ट्रंप ने अपील की कि अन्य देशों को भी गाज़ा की सहायता के लिए आगे आना चाहिए। फिलहाल अमेरिका ही मुख्य रूप से जीएचएफ के माध्यम से मदद पहुंचा रहा है, जबकि कई देश इसकी विवादास्पद व्यवस्था के कारण दूरी बनाए हुए हैं। बताया गया है कि गाज़ा के लोगों को भोजन और जरूरी सामान पाने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है और अक्सर उन्हें आईडीएफ की रेखा पार करनी पड़ती है।
इस बयान को खास माना जा रहा है क्योंकि इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के प्रमुख सलाहकार और रणनीतिक मामलों के मंत्री रॉन डर्मर अगले सप्ताह वॉशिंगटन की यात्रा पर आ रहे हैं।
गौरतलब है कि 7 अक्टूबर 2023 को हमास ने इजरायल के नोवा म्यूजिक फेस्टिवल पर अचानक हमला किया था, जिसमें करीब 1,200 लोग मारे गए और 251 को बंधक बना लिया गया था। इसके जवाब में इजरायल ने गाज़ा पर व्यापक हवाई हमले शुरू कर दिए थे, जिससे क्षेत्र में भारी तनाव पैदा हो गया था।